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(निबंधकार) साहित्य सुमन, भट्ट निबंधावली
हिंदी साहित्य के इतिहास में 'भारतेंदु युग' (1868 ई. से 1900 ई.) को आधुनिकता का माना जाता है। इस काल का नामकरण हिंदी के महान साहित्यकार भारतेंदु हरिश्चंद्र के नाम पर हुआ, जिन्होंने मध्यकालीन रीतिवादी परंपरा को छोड़कर साहित्य को जन-जीवन और राष्ट्रीयता से जोड़ा। मन की लहर
प्रेम पुष्पावली, मन की लहर, हठी हम्मीर प्रेम संपत्ति लता
रचनाकार प्रमुख रचनाएँ भारतेंदु हरिश्चंद्र मन की लहर
भारतेंदु युग वह सेतु है जिसने हिंदी साहित्य को मध्यकाल की श्रृंगारिकता से निकालकर आधुनिक काल की वास्तविकता और राष्ट्रीयता से मिलाया। इसी युग में हिंदी पत्रकारिता और नाटक जैसी विधाओं का वास्तविक विकास हुआ।
क्या आप भारतेंदु युग के किसी या उनकी काव्यगत शैली के बारे में विस्तार से जानना चाहेंगे?
श्यामा स्वप्न, देवयानी, प्रेम संपत्ति लता